Shardiya Navratri Me Puja kaise Kare.?

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मा चंद्रघंटा की पूजा कब और कौन से दिन होती है,

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Shardiya Navratri Me Puja kaise Kare.?

Shardiya Navratri Third Days 2025 | मा चंद्रघंटा की पूजा कब और कौन से दिन होती है,

Shardiya Navratri Third Days 2025:

 

मां चंद्रघंटा की पूजा नवरात्रि के तीसरे दिन की जाती है |

नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की अर्चना पूजा 
और विधि विधान से जो पूजा होती है वह की जाती है|
इस बार 2025 में शारदिया नवरात्रि का तीसरा दिन 24 सितंबर दिन बुधवार को पड़ा है|
नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा बहुत ही सुंदर और भव्य तरीके से उत्तर प्रदेश,
बिहार और कोलकाता शहर में मनाई जाती| 
यह नवरात्रि का त्योहार बहुत ही भव्य तरीके से कोलकाता
और बिहार और उत्तर प्रदेश में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है |

Ma Chandraghanta, 2025 Navratri Third days :

आज 24 सितंबर 2025 दिन बुधवार को सर्दी नवरात्रि का तीसरा दिन है | आज के दिन मां दुर्गा के तृतीय स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा अर्चना की जाती है इसीलिए नवरात्रि का तीसरा दिन आज मां चंद्रघंटा के लिए कहा जाता है | राक्षसों का वध करने वाली मां को ही चंद्रघंटा माता कहा जाता है |

Maa Chandraghanta :

मां चंद्रघंटा को नवरात्रि का तीसरा दिन समर्पित है |
मां चंद्रघंटा कहिए रूप शांति और साहस और शक्ति का प्रतीक है | मां चंद्रघंटा को उनके चिन्ह से जाना जाता है माथे पर
अर्धचंद्र और गले में बड़ी घंटी के कारण ही इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है | अत्यंत दिव्य और तेजस्वी है माता चंद्रघंटा का स्वरूप
मां चंद्रघंटा के मंदिर में जब घंटिया की ध्वनी आती है और उस ध्वनी से नकरात्मक ऊर्जा खत्म हो जाती हैं और जो तकलीफ होती है वह दूर चली जाती हैं है | मां चंद्रघंटा का 10 हाथ है जिनमें अलग-अलग शास्त्र है यह सीन पर सवार रहती है युद्ध के समय इनका रूप उग्र होता है लेकिन भक्तों के लिए करुणामयी है

नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा का दर्शन और संदेश:
मां चंद्रघंटा बोलती है भक्तों को भय और अज्ञान को दूर करने के लिए ही में प्रकट हुई हूं मेरे नाम का स्मरण तुम्हें अद्भुत साहस और आत्मविश्वास और शांति प्रदान करेगी सिंहवाहिनी होकर मैं तुम्हारे शत्रुओं का विनाश करूंगी और अपने भक्तों की रक्षा करूंगी |

मां चंद्रघंटा का उपदेश नवरात्रि के तीसरे दिन हमें मिलता है:

माता चंद्रघंटा हमें सिखाती हैं कि जीवन में बहुत सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है साहस और देह से हमें कठिनाइयों का सामना करना चाहिए जो उनके भक्त नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा का आराधना करते हैं उनके हृदय से भय संकट और रोग दूर करती हैं मां चन्द्रघण्टा |

मां चंद्रघंटा के युद्ध का कहानी:

महिषासुर नाम का राक्षस ने देवताओं को सताया

तब मां दुर्गा ने चंद्रघंटा रूप धारण किया

सिंह पर सवार होकर युद्ध किया राक्षसों का नाश कर देवताओं

को विजई दिलाया तभी से तभी से मां चंद्रघंटा कहलाई |

मां चंद्रघंटा की पूजा की विधि :

सूर्य उदय से पहले उठकर स्नान करके स्वच्छ कपड़ा पहन कर फिर पूजा स्थल को साफ करके और माँ को गंगाजल से स्नान कराये फिर उन्हें धूप, दीप, चंदन, सिंदूर, फूल, अर्पित करें और मिठाई का भोग लगाये मां चंद्रघंटा का मंत्र “ॐ देवी घण्टायै नमः ” का जाप करें और मां दुर्गा की आरती उतारे और दुर्गा चालीसा का पाठ करें इससे मां चंद्रघंटा आपके घर और परिवार को खुशहाल रखेंगी और दुखों से दूर रखेंगी और कारोबार आगे
जायेगा|

 

Shardiya Navratri Me Puja kaise Kare.?

Shardiya Navratri Me Puja kaise Kare.?

मां चंद्रघंटा का यह मंत्र है:

* ॐ देवी चंद्राघण्टाये नमः |
* देवी सर्वभूतेषु मां चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥”

मां चंद्रघंटा को क्या भोग लगाए नवरात्रि में.?

मां चंद्रघंटा को हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार खीर और दूर से बनी मिठाइयों का भोग अर्पित करना चाहिए इसके अलावा पंचामृत, चीनी, वह मिश्री भी अर्पित कर सकते हैं साथ में फल का भी आप भोग लगा सकते हैं लेकिन आप खीर और दूध से बने मिठाईयां का भोग ज्यादा से ज्यादा मानता को भोग में लगाये | मां चंद्रघंटा को सफेद कमल और पीले गुलाब का फूल ज्यादा पसंद है | मां चंद्रघंटा के पूजा के समय पीले कलर का वस्त्र पहनना अत्यंत शुभ माना गया है अतः आप पीले कलर का कपड़ा पहनकर वहां चंद्रघंटा की पूजा आराधना करें और उनकी आरती गाएं |

मां चंद्रघंटा की आरती नवरात्रि में इस तरह करना चाहिए

Ma Chandraghanta, 2025 Navratri Third days

********* मां चंद्रघंटा आरती **************

ॐ जय चंद्रघंटा माता, मैया जय चंद्रघंटा माता।
जो कोई तुमको ध्याता, निसदिन सुखदाता॥
ॐ जय चंद्रघंटा माता…
चन्द्र समान तिहुँ लोचन, मुख में शोभा पाता।
सोहत है छवि न्यारी, करती सदा भला॥
ॐ जय चंद्रघंटा माता…
सिंह सवारी भवानी, कर में त्रिशूल दिखाती।
दमदमावत भेरी, बाजत है बजरा॥
ॐ जय चंद्रघंटा माता…
तीन नेत्र है सुहावन, मस्तक चंद्र सजाता।
स्वर्ण किरण से ज्योति, नभमंडल छाता॥
ॐ जय चंद्रघंटा माता…
देवता दीन भिखारी, सेवा सदा में लाते।
निष्कलंक छवि तेरी, कोई न पार पाता॥
ॐ जय चंद्रघंटा माता…
कानन कुण्डल शोभा, नासाग्र मोती चमकता।
सिंह पर बैठी माता, चंडी रूप दिखाती॥
ॐ जय चंद्रघंटा माता…
जो जन निसदिन सेवत, मनवांछित फल पाता।
रूप चंद्रघंटा मैया, सब दुःख दूर भगाता॥
ॐ जय चंद्रघंटा माता…

Shardiya Navratri Me Puja kaise Kare.?

 

Disclaimer :

हमारी तरफ से दी गई जानकारी पर हम यह दवा नहीं करते हैं कि यह पूरा सत्य एवं सटीक है कृपया इस चीज को अपनाने से पहले आप संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ से सलाह ले और अपने पंडित जी से जरूर संपर्क करें यह हमारी जानकारी के अनुसार दिया गया है

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